ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से बुलाना वो रोज सुबह जल्दी उठाना । ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से बुलाना वो रोज सुबह जल्दी उठाना ।
घर में घर में
मध्यांतर में मध्यांतर में
शीशे में शीशे में
स्कूल के दोस्तों के नाम एक पैगाम स्कूल के दोस्तों के नाम एक पैगाम
जकड़ी हुई है बेड़ियों मे परतंत्रता ने छीन लिया है इसके रूप को जकड़ी हुई है बेड़ियों मे परतंत्रता ने छीन लिया है इसके रूप को